Maiya Samman Yojana: मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना से जुड़ी महिलाओं के लिए एक अच्छी खबर है। इस योजना के लाभार्थियों को अब छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए ₹20,000 तक का लोन दिया जाएगा। इस लोन के लिए किसी भी तरह की गारंटी देने की जरूरत नहीं होगी। सरकार का मकसद महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है।
इस संबंध में शनिवार को राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति और वित्त विभाग के बीच बैठक हुई, जिसमें इस प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति बन गई है। बैंकों ने भी इस योजना के तहत लोन देने पर सहमति जताई है। खास बात यह है कि एक ही परिवार में जितनी भी लाभुक महिलाएं होंगी, सभी को लोन मिलेगा, ताकि हर महिला अपने स्तर पर रोजगार शुरू कर सके।
Maiya Samman Yojana Loan Details: Overview
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना |
| राज्य | झारखंड |
| कुल लाभार्थी | लगभग 51 लाख महिलाएं |
| लाभार्थियों की आयु सीमा | 50 से 60 वर्ष |
| मासिक सहायता राशि | ₹2500 प्रति लाभुक |
| राज्य सरकार का मासिक व्यय | लगभग ₹1250 करोड़ |
| लोन की सुविधा | ₹20,000 तक |
| लोन का उद्देश्य | छोटे / सूक्ष्म व्यवसाय |
| गारंटी | बिना किसी गारंटी के |
| कागजी प्रक्रिया | न्यूनतम, आधार व आवश्यक दस्तावेज |
| लोन वापसी की व्यवस्था | मासिक सहायता राशि से वसूली |
| महत्वपूर्ण सहमति | वित्त विभाग और SLBC के बीच |
| योजना का उद्देश्य | महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना |
| लाभ का क्षेत्र | ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती |
| आधिकारिक वेबसाइट | https://mmmsy.jharkhand.gov.in/ |

राज्य सरकार प्रत्येक माह 51 लाख लाभुकों के बीच करता है 1250 करोड़ रुपये वितरण
मंईयां सम्मान योजना के तहत झारखंड की लगभग 51 लाख महिलाओं को नियमित रूप से लाभ दिया जा रहा है। राज्य सरकार इस योजना के अंतर्गत लाभुक महिलाओं को हर महीने करीब ₹1250 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान कर रही है। यह योजना खास तौर पर 50 से 60 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं के लिए लागू है, ताकि वे आर्थिक रूप से सुरक्षित और आत्मनिर्भर बन सकें।
इस योजना के तहत मिलने वाले लोन के लिए कागजी प्रक्रिया बेहद आसान रखी जाएगी। आवेदन फॉर्म के साथ केवल आधार कार्ड और कुछ जरूरी दस्तावेज लगाने होंगे। जैसे ही वित्त विभाग की ओर से एसओपी (मानक प्रक्रिया) जारी की जाएगी, बैंक तुरंत लोन देने की प्रक्रिया शुरू कर देंगे, जिससे लाभुक महिलाओं को बिना देरी के फायदा मिल सके।
वित्त विभाग और एसएलबीसी के बीच सहमति बनी
राज्य सरकार ने बैंकों को लोन वापसी को लेकर भी पूरा भरोसा दिलाया है। अधिकारियों ने बताया कि यदि किसी कारण से लोन चुकाने में परेशानी आती है, तो लाभुक महिलाओं के बैंक खातों में हर माह भेजी जाने वाली ₹2500 की सहायता राशि से लोन की वसूली आसानी से की जा सकेगी। इससे बैंकों को किसी तरह का जोखिम नहीं होगा और लोन प्रक्रिया सरल बनी रहेगी।
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि झारखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए महिलाओं को उद्यमी बनाना जरूरी है। महिलाओं को सूक्ष्म व्यवसाय शुरू करने के लिए राज्य के विभिन्न बैंकों से अधिकतम ₹20,000 तक का लोन दिए जाने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। इस बैठक में वित्त विभाग और एसएलबीसी के वरीय अधिकारी मौजूद थे।
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न्यूनतम कागजी प्रक्रिया के तहत दिया जाएगा ऋण
इस योजना के तहत ऋण लेने के लिए लाभुकों को न्यूनतम कागजी कार्रवाई करनी होगी। आधार कार्ड और आवश्यक दस्तावेज संलग्न करने होंगे। वित्त विभाग द्वारा एसओपी जारी किए जाने के बाद बैंकों को ऋण स्वीकृति और वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि महिलाओं को समय पर लाभ मिल सके।